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Vinay kumar Sah

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Cyber Security क्या है? ये कितने प्रकार के होते हैं?

नमस्कार दोस्तों 
मै विनय आपका दोस्त 
आपका बहुत बहुत स्वागत है 
आशा करता हूँ आप अच्छे और स्वस्थ होंगे

Cyber Security क्या है? ये कितने प्रकार के होते हैं?  
वर्तमान में हमारे जीवन में इंटरनेट की पहुँच इतनी ज्यादा हो गई है कि हमें साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक होना बहुत आवश्यक है। इंटरनेट पर हजारों लाखों users रोज हैकर्स के द्वारा ठगे जाते हैं। ऐसे में आपके द्वारा यह जानना आवश्यक है कि इंटरनेट पर साइबर सुरक्षा के कौन कौन से खतरे है और उनके क्या प्रकार है और कैसे उनसे बचा जाये। इस पोस्ट में हम यही जानने वाले है। 

Spoofing क्या है?
यह एक ऐसा तरीका है जिससे Attacker आपके कंप्यूटर या सर्वर में Unauthorized Access करता है। इसमें Attacker कंप्यूटर नेटवर्क में एक Message भेजता है और आपको ऐसा लगता है कि किसी जानकार ने भेजा है इसमें Attacker IP Address को बदल देता है। Spoofing का Use ज्यादातर DDOS के हमले के लिए किया जाता है। DDOS की Full Form होती है Distributed Denial of Service Attack

यह इंटरनेट की दुनिया में किसी वेबसाइट या सर्वर पर ऐसा Attack होता है जिससे किसी वेबसाइट को Down किया जाता है या बंद कर दिया जाता है। 
यहाँ जब कोई Attacker किसी वेबसाइट को Hack करता है तो वो अपनी मन मर्जी के हिसाब से उस वेबसाइट को Operate करता है या उसे बंद कर देता है फिर यदि कोई User उस वेबसाइट तक पहुँचना चाहे तो वो साइट Unavailable दिखाती है। ये सभी काम एक अकेले Hacker के द्वारा नहीं किये जाते है। इसके लिए पूरी टीम होती है जो मिलकर DDOS Attack को अंजाम देती है। इसमें Attacker बहुत सारे Spoof किये गये IP Address को Server या Computer पर भेजता है जिससे कंप्यूटर में बहुत सारा Traffic आ जाता है जिसे आपका कंप्यूटर संभाल नहीं पाता है। Spoofing में Attacker एक Mail भेजता है जो बिल्कुल email के समान लगता है और उसमें एक लिंक दिया होता है जैसे ही आप उस लिंक पर click करते हैं तो आपके कंप्यूटर या सर्वर में वायरस आ जाता है।

हैकिंग क्या हैं?
आजकल Computer और Smartphone की Demand इतनी बढ़ गई है कि लोग इनके इस्तेमाल के बिना अपना काम नहीं कर सकते फिर चाहे आप किसी कंपनी में काम करते हो या आपका कोई Business हो। आपको इन दोनों चीजों की जरुरत होती ही है। Cybercrime के बारे में आपने सुना होगा ये एक ऐसा Crime है जिसमें Hackers दूसरे लोगों के Computer या Smartphone से जरुरी जानकारी और उनकी Personal File चुरा लेते हैं और उनको Blackmail कर पैसों की Demand करते हैं या फिर आपकी पर्सनल जानकारियों को इंटरनेट पर भी डाल सकते हैं। Hacking करने वाले इंसान को Hacker कहते है और उसे Computer के बारे में बहुत जानकारी होती है। 
Hacking में Hacker Computer में किसी ऐसे Entry Point को ढूंढता है। जहाँ से वो Computer में Entry कर सकें। Hacking करने का उद्देश्य किसी Computer को नुकसान पहुँचाने या फिर Computer से विशेष जानकारी निकलने के लिए किया जाता है। Hackers को हम दो तरीकों से देख सकते हैं। कुछ Hackers ऐसे होते है जो अच्छे काम के लिए Hacking करते हैं और इनसे किसी को कोई नुकसान होता है। उन्हें  White Hat Hacker बोलते हैं और कुछ Hackers ऐसे होते हैं जो Hacking का इस्तेमाल दूसरों को परेशान करने या उनकी जरुरी फाइल को उनके PC से चुराने के लिए करते हैं। उन्हें Black Hat Hacker कहते हैं।       
  
Cracking क्या है?
Cracking एक ऐसी तकनीक है जिसके द्वारा Computer के Software को तोड़ने या पूरी तरह PC को ख़त्म करने के लिए किया जाता है। ये Hacking के समान ही होता है। Cracking एक बहुत बड़ा अपराध है। Crackers को आप इस तरह समझ सकते हैं जिस तरह बैंक में चोरी करने के लिए चोर ताले को तोड़ता है। ठीक उसी तरह Cracker भी Computer के Programs और Accounts को Crack करता है। 
Cracking तीन प्रकार की होती है। 
Password Cracking 
Software Cracking 
Network Cracking 

Cracking उन Software's के लिए की जाती है। जिनको हम या तो किसी Store से खरीदते हैं या Online खरीदते हैं। Hacker उन Software के Codes को Break कर देता है और उन Software को बिना Payment करे ही Illegal माध्यम से Activate कर देता है। इन Software को Pirated Software भी कहते है। 

Phishing क्या है?
Phishing के नाम से ही पता चलता है कि जैसे आप तालाब में मछली पकड़ने की बात  कर रहे हैं जिस तरह तालाब में मछली को कुछ डालकर पकड़ा जाता है। उसी प्रकार Computer में आपके पास कोई मेल या मैसेज भेजा जाता है। जिससे कोई Hacker आपके Computer या Smartphone से आपकी जानकारी निकाल सकें। Phishing एक Cyber Crime है। जिसमें आपकी जरुरी Information जैसे Banking, Debit / Credit Cards Details, Password इत्यादि की जानकारी प्राप्त करना Phishing कहलाता है। 

इसमें आपको किसी Bank द्वारा या किसी वैध Organization के द्वारा Calling या Message किये जाते है पर वो वाकई उनसे नहीं आये होते है। वो Fake Call या Message होते है। Phishing एक प्रकार का Social Engineering हमला है जिसका Use अक्सर User के Data को चुराने के लिए किया जाता है। Phishers किसी की जानकारी प्राप्त करने के लिए Social Media Sites और Email का इस्तेमाल करते हैं और यहाँ से वो आपकी पर्सनल डिटेल्स निकाल लेते हैं। जैसे आपका नाम, काम करने की History, आपकी Hobbies के बारे में। 

Phishing पाँच प्रकार की होती हैं। 
1. Spear Phishing 
2. Whaling Attack
3. Pharming Attacks
4. Voice Phishing
5. SMS Phishning

Spam क्या है?
Computer और Mobile Device के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साथ और भी चीजें सुनने को मिलती हैं।  यदि आप इन Device का इस्तेमाल करते हैं या फिर आपका Email Account हैं। तो आपने Spam Word जरूर सुना होगा। 
Spam का मतलब होता है। किसी अनचाहे Emails का आना और जो ये Emails आते हैं उन Receiver को भी नहीं पता होता हैं कि वह कहाँ से आये है और किसने भेजे हैं। वैसे तो Email का प्रयोग जरुरी जानकारी देने के लिए किया जाता है पर कुछ Attackers इसका इस्तेमाल दूसरों को परेशान करने के लिए करते है जो अनचाहे Mails आपके पास आते हैं। उन्हें हम Spam बोलते हैं। 

आजकल Spam का आना आम बात है और ईमेल कंपनियों ने Security Purpose के लिए Antispam Program लगा रखे हैं जिससे आपके पास कोई भी ऐसी मेल न जा सके और अगर आते भी है तो Spam नाम से अलग Folder बना होता है। वो मेल उसमे चला जाता है। जो Spam भेजता है उसे Spammer कहते हैं। Spam Mails की वजह से आजकल बहुत Frauds होते हैं। कुछ लोगो ने इसे अपनी आमदनी का जरिया बना रखा है वो लोगो को गलत मेल भेजकर उनकी Personal जानकारी लेते हैं। अगर आपका Computer ठीक तरह से काम कर रहा है तो समझ लेना चाहिए कि आपके Account में Spams की संख्या कम है। Spams को अपने System में आने से रोकने का एक ही तरीका है कि आप अपने Password को बार बार बदलते रहें या फिर ऐसा Password रखें जिससे कोई उसे Hack न कर सकें। कुछ Spammers आपके Mails में Enter करने के लिए नयी नयी तकनीक अपनाते हैं। 

Adware क्या है?
Adware एक ऐसा Software होता है जो किसी भी Advertisements को अपने आप ही टुकड़े टुकड़े कर स्क्रीन पर दिखाता है। यह बिल्कुल Free Software होता है। जब आप कोई काम कर रहे है तो Adware की मदद से आप किसी Website पर जा सकते हैं। Adware को चलाने के लिए एक Internet Connection की जरुरत होती है। Adware को अपने Computer में Install करने से पहले ये देख लेना चाहिए कि वह किसी अच्छी Company का हैं या नहीं क्योंकि कुछ Adware, Spyware के रूप में काम करते हैं जो आपके Computer की जानकारी Internet के माध्यम से दूसरे Computer को भेज देते हैं। 
Adware कंप्यूटर की Speed को कम कर देता है। यदि आपके Computer की Speed चलने में धीमी हैं तो आपके Computer में Adware हो सकता है। लोगो का Adware बनाने का कारन होता है पैसा कमाना या आपके Computer से आपकी कोई Personal Details चुराना और किसी तीसरे व्यक्ति को उसे बेच देना। कुछ Software ऐसे होते हैं जिसकी मदद से आप Adware को अपने Computer में पकड़ सकते हैं या उसे आने से रोक सकते है। जैसे: Avast, AVG इत्यादि ज्यादातर Adware सुरक्षित होते हैं पर कुछ इतने खतरनाक होते है कि वे आपके Computer पर Install होकर आपकी जानकारी को चुरा सकते हैं। 

Rootkits क्या है?                                                                                                                
Rootkits का Use आमतौर पर गलत काम करने के लिए किया जाता है। यह Computer में ऐसी जगह बना लेता हैं जहाँ आमतौर पर Software नहीं होते हैं। इसकी जानकारी User को भी नहीं होती हैं। यह Software कभी कभी तो दूसरे Software का आकार और रूप ले लेता है और खुद को छुपा लेता है। जब आप किसी Software को Install करते हैं तो ये उस Software के साथ आपके Computer में Install हो जाता है और User को पता भी नहीं होता। जब आपके Computer पर Rootkit Install हो जाती है तो आपके Computer पर सारा Control, Attacker का हो जाता है। ये आपके Computer से आपकी कोई भी पर्सनल जानकारी निकाल सकता है और आपको ब्लैकमेल कर सकता है। 
Rootkit Virus आसानी से Anti Virus Software की पकड़ में नहीं आते है।  इन्हे Detect करने के लिए Rootkit Scanner की जरुरत होती हैं।                                                                                                                                                                                                                   
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